अंबेडकरनगर के मुरादाबाद मुहल्ले में खौफनाक वारदात: पति से फोन पर झगड़े के बाद गासिया खातून ने बच्चों को नशीला पदार्थ खिलाया, हथौड़े से मार डाला और बालकनी से कूदकर फरार.
अंबेडकरनगर के मुरादाबाद मुहल्ले में खून से सना घर का भयावह दृश्य
घटना का पूरा विवरण
अंबेडकरनगर जिले के कोठवली नगर क्षेत्र के मुरादाबाद मुहल्ले में शनिवार दोपहर एक घर से सनसनीखेज खबर आई। यहां गासिया खातून नाम की महिला ने अपने चार बच्चों – शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और सादिया बानो (8) – की निर्मम हत्या कर दी। शुक्रवार रात सऊदी अरब में रह रहे पति नियाज से फोन पर तीखी बहस के बाद उसने ये खौफनाक कदम उठाया। पुलिस को शक है कि उसने पहले बच्चों को नशीला पदार्थ खिलाया, फिर हथौड़े से उनके सिर कुचल दिए। उसके बाद बालकनी से कूदकर फरार हो गई।
घर का दरवाजा अंदर से बंद था। दूधवाला सुबह 11 बजे और दोपहर 2 बजे आया, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर पड़ोसियों ने रिश्तेदार तसलीम को सूचना दी। पड़ोसी के घर की छत से एक युवक अंदर घुसा तो भयानक मंजर सामने आया – बच्चे खून से लथपथ पड़े थे। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह, डीआईजी सोमेन वर्मा और जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने घटनास्थल का मुआयना किया।
क्यों और कैसे हुई ये वारदात?
पुलिस जांच से साफ हो रहा है कि ये हत्या पारिवारिक कलह का नतीजा है। नियाज कपड़ा गांव का रहने वाला है, जो कई सालों से सऊदी अरब में चाय-कॉफी की दुकान चला रहा है। करीब 10 साल पहले उसने पैतृक जमीन बेचकर मुरादाबाद मुहल्ले में मकान बनवाया, जहां गासिया और बच्चे रहते थे। लेकिन तीन-चार साल पहले नियाज ने सऊदी में एक पाकिस्तानी महिला से दूसरा निकाह कर लिया।
इसकी जानकारी गासिया को बच्चों समेत सऊदी बुलाकर दी गई। पति ने खर्च उठाने का भरोसा दिलाया, लेकिन तनाव कम न हुआ। शुक्रवार रात फोन पर फिर झगड़ा हुआ। इसके बाद गासिया ने बच्चों को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और हथौड़े से सिर पर कई वार किए। घर में मिले मोबाइल की कॉल डिटेल्स से ये पुष्टि हो रही है। फरार मां की तलाश में चार-छह टीमें लगी हैं, कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है।
आधिकारिक बयान और कोट्स
एसपी प्राची सिंह ने कहा, “प्रथम दृष्टया मां ने ही हत्या की है। पति के दूसरी शादी से तनाव था, वो चार साल से घर नहीं आया। फोन रिकॉर्ड्स जांचे जा रहे हैं।” डीआईजी सोमेन वर्मा बोले, “फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य संग्रहित किए हैं। मां फरार है, जल्द गिरफ्तार करेंगे।”
नियाज के छोटे भाई सलीम, जिन्होंने FIR दर्ज कराई, ने बताया, “भाई ने फोन न उठने पर मुझे भेजा था। अंदर का नजारा देखकर कांप गए।” पड़ोसी ने कहा, “रात को कोई आवाज न सुनाई दी, सुबह सब शांत था। ये बहुत दर्दनाक है।”
बैकग्राउंड और टाइमलाइन
10 साल पहले: नियाज ने जमीन बेचकर मुरादाबाद में मकान बनवाया।
3-4 साल पहले: सऊदी में पाकिस्तानी महिला से दूसरा निकाह। गासिया को बुलाकर समझाया।
1 साल पहले: गासिया सऊदी गईं, तनाव बढ़ा। नियाज घर नहीं लौटा।
शुक्रवार रात: फोन पर पति-पत्नी में झगड़ा। गासिया ने फोन रिसीव न किया।
शनिवार सुबह 11 बजे: दूधवाला आया, दरवाजा बंद।
शनिवार दोपहर 2-3 बजे: शव मिले, पुलिस पहुंची।
अभी: नियाज रविवार को भारत लौट सकता है।
ये टाइमलाइन दिखाता है कि लंबे तनाव ने अचानक हिंसा का रूप ले लिया।
यह क्यों मायने रखता है
ये घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है। वैवाहिक कलह, दूसरी शादी और विदेशी प्रवासी परिवारों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है। चार मासूमों की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। आर्थिक तंगी और सौतन का डर मां को कातिल बना सकता है – ये सोचने पर मजबूर करता है। समाज को ऐसे मामलों में काउंसलिंग और हेल्पलाइन की जरूरत है, वरना और परिवार बिखरेंगे।
भारत का दृष्टिकोण
भारत में NRIs की संख्या लाखों में है, खासकर खाड़ी देशों में। ऐसे कई केस आते हैं जहां पत्नियां अकेले बच्चों संग रहती हैं और तनाव में टूट जाती हैं। UP-बिहार जैसे राज्यों में ये आम है – yeh issue kaafi important hai। परिवारवाद वाली हमारी संस्कृति में दूसरा निकाह taboo है, जो झगड़े बढ़ाता है। स्थानीय लोग सदमे में हैं, पुलिस की कार्रवाई से न्याय की उम्मीद। Meerut जैसे आसपास के शहरों में भी vigilance बढ़ानी होगी।
विश्लेषण
Logically, गासिया का तनाव justified लगता है – पति की अनदेखी, आर्थिक crunch, सौतन का डर। लेकिन बच्चों पर वार क्रूरता दिखाता है कि mental health collapse हो गया। Media coverage से similar cases expose होंगे, govt को NRI families के लिए policy बनानी चाहिए। Yeh heartbreaking hai, par society ko mirror dikha raha hai।
आगे क्या?
पुलिस मां को जल्द पकड़ लेगी, क्योंकि टीमें लगी हैं और लोकेशन ट्रैक हो सकता है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से नशीला पदार्थ confirm होगा। नियाज लौटेगा, पूछताछ होगी। Court में murder charge चलेगा, life imprisonment या फांसी हो सकती। Community counseling drives शुरू हो सकते हैं। Long-term, NRI marriages regulate करने के laws tight होंगे।
निष्कर्ष
अंबेडकरनगर की ये खौफनाक घटना पारिवारिक कलह की चरम सीमा दिखाती है। सऊदी पति का दूसरा निकाह, फोन झगड़ा और मां का फरार होना – सब मिलकर tragedy बना। समाज को mental health, marriage counseling पर फोकस करना होगा। न्याय मिलेगा, लेकिन चार जिंदगियां वापस न आएंगी। Stay aware, support families in need।
|This story also covered by Amar Ujala|
Written by M.A.Arif


