नागफनी थाने से करीब 400 मीटर की दूरी पर इमरान के निवास पर 6 नकाबपोश बदमाशों ने हथियार का इस्तेमाल करके 1.20 करोड़ रुपये की नकदी, सोने के आभूषण, सीसीटीवी डीवीआर और मोबाइल फोन लूट लिए। ये बदमाश दो कारों में आए और उनकी हरकतें आस-पास के surveillance कैमरों में रिकॉर्ड हो गईं।
मुरादाबाद में सनसनीखेज डकैती
मुरादाबाद के नागफनी क्षेत्र में बीते शनिवार दोपहर को पीतल के कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर इमरान के घर में 6 नकाबपोश बदमाशों ने मात्र 6 मिनट में 1.30 करोड़ रुपये की डकैती को अंजाम दिया। यह घटना थाने से केवल 400 मीटर की दूरी पर हुई, जिसने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दीं। बदमाशों ने हथियार के बल पर इमरान की पत्नी सीमा और उनके बेटों अरकान तथा अरीब को बंधक बना लिया। इसके बाद उन्होंने बेड के समीप रखा 1.20 करोड़ रुपये की नकदी, सीमा के 6 तोला सोने के आभूषण, घर का सी
लूट कैसे हुई? साजिश का पूरा खुलासा
बदमाशों ने पहले से ही योजना बना रखी थी। उन्होंने छोटे गेट का डिजिटल ताला डुप्लिकेट चाबी के जरिए खोल दिया। इसके बाद वे सीधे इमरान के बेडरूम में घुसे, जहाँ वह अपने बेटे अरीब के साथ सो रहे थे।
पहले उन्होंने सीमा और अरकान को गन पॉइंट पर नियंत्रित किया, फिर सभी को एक कमरे में बंद कर दिया। बेड के बगल में रखी 1.20 करोड़ रुपये की नकदी और सीमा के पास के सोने के आभूषण लूट लिए। यह एक सुनियोजित हमला था—उन्होंने सीसीटीवी डीवीआर भी हटा लिया ताकि कोई सबूत न बचे। यह स्पष्ट है कि डुप्लिकेट चाबी का होना यह दर्शाता है कि नौकरानी या कोई अन्य अंदरूनी व्यक्ति उनकी मदद कर रहा था। दो कारें पहले से ही खड़ी थीं, जिससे उनकी भागने की प्रक्रिया तेज हो गई। नागफनी का पीतल बाजार भी उनके भागने में सहायता प्रदान कर रहा था।
तथ्य: शनिवार दोपहर 2-3 बजे की घटना। कोई चोट नहीं लेकिन परिवार दहशत में। पड़ोसी कैमरों में नंबर प्लेट partial कैद।
पुलिस और पीड़ितों के बयान
डीआईजी मुनिराज जी ने कहा, “एसओजी और सर्विलांस टीम मुस्तैद हैं। पड़ोसी के सीसीटीवी फुटेज में कारें नजर आई हैं। यह पेशेवर गैंग लगता है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।”
इमरान ने जानकारी दी, “छह नकाबपोश हमलावर अंदर आए, और उन्होंने बंदूक दिखाकर नकदी और जेवर लूट लिए। थाने की दूरी सिर्फ 400 मीटर थी
बैकग्राउंड और टाइमलाइन
मुरादाबाद, जिसे पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है, हर साल 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात करता है। यहां के व्यापारी घरों में नकद पैसे रखते हैं, जिसके कारण उन्हें डकैतियों का शिकार होना पड़ता है। 2025 में 25 से अधिक ऐसी घटनाएं होने की आशंका है। इमरान नामक एक व्यक्ति ब्रास और रियल एस्टेट के क्षेत्र में सफल हो चुका है।
घटनाक्रम का समयरेखा इस प्रकार है:
शनिवार, दोपहर 2 बजे: नागफनी के पास दो कारें खड़ी होती हैं।
2:03 बजे: छह नकाबपोश लोग साइड गेट से अंदर आते हैं।
2:09 बजे: डकैती की वारदात पूरी होती है और वे कारों में फरार हो जाते हैं।
शाम: नागफनी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाती है।
रविवार: सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किया जाता है और विशेष कार्य बल का गठन किया जाता है।
सोमवार (आज): छापेमारी की कार्रवाई आरंभ होती है, जबकि व्यापारी हड़ताल की चेतावनी देते हैं।
2023 में ठाकुरद्वारा में भी इसी तरह की 2 करोड़ रुपये की डकैती हुई थी।
ये क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मुद्दा अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे व्यापारियों का विश्वास कमजोर हो रहा है। इमरान को 1.30 करोड़ का नुकसान हुआ है, जिससे उसका कारोबार संकट में पड़ गया है। पीतल उद्योग, जो 5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है, ने डर के कारण काम करना बंद कर दिया है। मासिक 3,000 करोड़ रुपये के सौदे ठहर गए हैं। इसके अलावा, पुलिस स्टेशन के निकट लूट की घटनाओं से समाज में भय व्याप्त हो गया है।
भारत एंगल
मुरादाबाद देश के लिए पीतल का प्रतीक बन गया है। रामपुर से सम्भल तक के व्यापारी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यूपी और बिहार के प्रवासी दुकानदार इस स्थिति से अच्छी तरह जुड़ेंगे- “पैसे घर भेजो, लुटेरों का सामना करो।” #मुरादाबादडकैती वर्तमान में चर्चा का विषय बन गया है। चंदौली के लोग इसे समझेंगे—अपनी संपत्ति और नकदी को छिपाना जरूरी है!
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आगे क्या होगा?
72 घंटे के भीतर कार के नंबर और सीसीटीवी से गिरफ्तारियां की जा रही हैं। हरियाणा का लिंक इंटरस्टेट है। इमरान को इंश्योरेंस का लाभ मिल सकता है, और सरकार 5 लाख रुपये का एक्सग्रेशिया दे सकती है। व्यापारी एसोसिएशन ने 24/7 गश्त की मांग की है। यदि गिरफ्तारी नहीं होती है, तो हड़ताल और CBI जांच की मांग की जाएगी। अगर हथियार मिलते हैं, तो फॉरेंसिक जांच की जाएगी।|This story also covered by Amar Ujala
निष्कर्ष
मुरादाबाद में हुए 1.30 करोड़ रुपये की डकैती ने पीतल नगरी की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। डुप्लिकेट चाबी के जरिए अपराधियों ने आसानी से प्रवेश किया और चोरी की घटना को अंजाम दिया। एसओजी की जांच से इस मामले में कुछ सकारात्मक उम्मीदें जताई जा रही हैं। व्यापारियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है, वरना उत्तर प्रदेश का यह व्यवसायिक केंद्र लुटेरों के लिए आसान शिकार बन सकता है।
Written by M.A.Arif


