Baghpat protest : बागपत में पुतला दहन के दौरान बवाल, सिपाही को पीटा गया

Baghpat protest

बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पर पुतला छीनने को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प हो गई। हाईवे पर जाम लगा, और बाद में सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया।

UP News today 06Nov2025

राष्ट्र वंदना चौक पर पुतला दहन के दौरान पुलिस

बागपत में शनिवार सुबह पुतला दहन को लेकर तनाव बढ़ गया। राष्ट्र वंदना चौक पर बजरंग दल के कार्यकर्ता “लव जिहाद” का पुतला जला रहे थे, तभी बिना वर्दी में मौजूद एक सिपाही ने पुतला छीनने की कोशिश की। इसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मी के बीच धक्का-मुक्की हो गई। घटना के बाद हाईवे पर धरना दिया गया, जिससे यातायात कुछ देर के लिए बाधित रहा।


क्या हुआ

रिपोर्ट के मुताबिक, बजरंग दल के कार्यकर्ता सुबह करीब 10 बजे राष्ट्र वंदना चौक पर पहुंचे थे। वे नारेबाजी करते हुए पुतला दहन की तैयारी कर रहे थे, तभी कोतवाली में तैनात सिपाही संदीप कुमार बिना वर्दी वहां पहुंचा और पुतला छीनने लगा। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और कार्यकर्ताओं ने सिपाही से झड़प कर दी।

झड़प के दौरान सिपाही के कपड़े फट गए और वह बचने के लिए सड़क पर दौड़ता दिखा। दूसरे पुलिसकर्मियों ने उसे बचाया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यशैली के विरोध में हाईवे पर धरना दे दिया। बाद में दो सीओ ने समझाकर भीड़ को हटवाया और जाम खुलवाया।


पुलिस की कार्रवाई

एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार, सिपाही संदीप कुमार उस स्थान पर ड्यूटी पर नहीं था, फिर भी वह सादी वर्दी में पहुंच गया था। मामले के बाद उसे लाइन हाजिर कर दिया गया है और जांच सीओ विजय कुमार को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई यह दिखाती है कि पुलिस भी घटना को गंभीरता से ले रही है। अब जांच में यह देखा जाएगा कि सिपाही ने ऐसा क्यों किया और क्या उसकी कार्रवाई नियमों के खिलाफ थी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या भीड़ ने कानून अपने हाथ में लिया।


पृष्ठभूमि

बागपत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐसे मुद्दों पर पहले भी तनाव देखा गया है। “लव जिहाद” जैसे विषयों पर होने वाले प्रदर्शन अक्सर भावनात्मक हो जाते हैं और कभी-कभी सड़क पर टकराव की स्थिति बन जाती है। ऐसे में पुलिस के लिए भीड़ को संभालना और माहौल शांत रखना बड़ी चुनौती बन जाता है।

इस तरह के मामलों में छोटी सी गलती भी बड़ा विवाद बना देती है। यहां भी अगर पुलिसकर्मी ने गलत समय पर दखल दिया, तो मामला और बिगड़ गया। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों की हिंसक प्रतिक्रिया ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया।


टाइमलाइन

  • सुबह करीब 10 बजे: बजरंग दल कार्यकर्ता राष्ट्र वंदना चौक पहुंचे।

  • पुतला दहन के दौरान: सिपाही ने पुतला छीनने की कोशिश की।

  • इसके बाद: झड़प हुई और सिपाही के कपड़े फट गए।

  • फिर: हाईवे पर धरना देकर जाम लगाया गया।

  • बाद में: दो सीओ ने समझाकर जाम खुलवाया और कार्रवाई शुरू हुई।


यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि इसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधे टकराव की स्थिति बन गई। इससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठते हैं और आम लोगों को परेशानी होती है। हाईवे जाम होने से यात्रियों को भी दिक्कत झेलनी पड़ी।

साथ ही यह घटना बताती है कि संवेदनशील मुद्दों पर पुलिस को बहुत सावधानी से कदम उठाने की जरूरत होती है। वहीं प्रदर्शनकारियों को भी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। नहीं तो ऐसी स्थिति में पूरा माहौल खराब हो जाता है।


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स्थानीय असर

बागपत जैसे जिलों में ऐसी घटनाओं का असर सिर्फ एक चौक या एक सड़क तक नहीं रहता। इसका असर आसपास के इलाकों में भी महसूस किया जाता है, क्योंकि लोग जाम, तनाव और अफवाहों से परेशान होते हैं। यूपी के लोगों के लिए यह खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां छोटी घटनाएं भी जल्दी बड़ा रूप ले लेती हैं।

यही वजह है कि स्थानीय प्रशासन को तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। अगर थोड़ी देर और देरी होती, तो तनाव और बढ़ सकता था। ऐसे मामलों में त्वरित एक्शन ही सबसे जरूरी होता है।[Also cover by Amar Ujala


आगे क्या

अब पूरे मामले की जांच रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। अगर जांच में सिपाही की गलती साबित होती है, तो विभागीय कार्रवाई बढ़ सकती है। दूसरी तरफ, अगर प्रदर्शन के दौरान कानून तोड़ा गया पाया गया, तो आयोजकों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

आगे पुलिस भी ऐसे आयोजनों पर ज्यादा निगरानी रख सकती है। स्थानीय स्तर पर यह भी संभव है कि सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए ज्यादा सख्त नियम लागू किए जाएं। इससे आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।


निष्कर्ष

बागपत की यह घटना दिखाती है कि एक छोटी सी कार्रवाई कैसे बड़े बवाल में बदल सकती है। पुतला छीनने की कोशिश, धक्का-मुक्की, हाईवे जाम और फिर लाइन हाजिर—सब कुछ कुछ ही घंटों में हो गया। अब जांच से ही साफ होगा कि गलती किसकी थी।


Written by M.A.Arif

 
 
 

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