बड़े भाई मौत छोटा भाई सदमा, नगीना राजकुमार हत्या, किसान बेटा UPSC सफलता, बिजनौर दामाद गोली, अमरोहा दीवांश अपहरण
बड़े भाई की मौत पर सदमे में छोटे भाई की भी प्राणपखेरु, चांदपुर में एक साथ उठे दो जनाजे
Bijnor News Hindi 8 mar 2026
बेगूसराय के चांदपुर गांव में 12 घंटे के अंदर दो बुजुर्ग भाइयों की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम।
चांदपुर गांव में एक साथ उठते दो भाइयों के जनाजे, पूरा परिवार सदमे में डूबा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के चांदपुर फेरु उर्फ चंदपुरी गांव में रहने वाले दो बुजुर्ग भाइयों की 12 घंटे के अंदर ही मौत हो गई। बड़े भाई रफीक सलमानी (75) की सांस की बीमारी से शुक्रवार सुबह 11 बजे मौत हो गई, तो छोटे भाई सुक्खा (72) सदमे में देर रात दम तोड़ दिया। एक ही परिवार में दो मौतों से कोहराम मच गया और दोनों के शव एक साथ सिपुर्द-ए-खाक कर दिए गए।
घटना का पूरा विवरण
रफीक सलमानी लंबे समय से सांस संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका इलाज चल रहा था, लेकिन शुक्रवार सुबह उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके शव का सिपुर्द-ए-खाक चल रहा था, इसी बीच छोटे भाई सुक्खा, जो पेट की बीमारी से पीड़ित थे, बड़े भाई की मौत के सदमे में बीमार पड़ गए। देर रात उनकी भी मौत हो गई। परिवार के सदस्यों ने बताया कि सुक्खा बड़े भाई के जाने का गम सहन नहीं कर पाए। दूर-दराज से आए रिश्तेदारों के बीच गांव में सन्नाटा पसर गया।
परिवार के बयान
परिवार के एक सदस्य ने कहा, “बड़े भाई रफीक की मौत ने छोटे भाई सुक्खा को तोड़ दिया। वे दोनों हमेशा साथ रहते थे, अब घर सूना हो गया।” स्थानीय लोगों ने भी शोक व्यक्त किया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
बेगूसराय जिले के चांदपुर गांव में यह घटना बुजुर्गों की स्वास्थ्य समस्याओं को उजागर करती है। सांस और पेट संबंधी बीमारियां ग्रामीण इलाकों में आम हैं, जहां चिकित्सा सुविधाएं सीमित हैं। दोनों भाई गरीब परिवार से थे और लंबी बीमारी से जूझ रहे थे।
निष्कर्ष और आगे क्या
यह हृदयविदारक घटना परिवार को आर्थिक व भावनात्मक संकट में डाल गई। स्थानीय प्रशासन ने सहायता का भरोसा दिया है। भविष्य में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है ताकि ऐसी त्रासदियां टलें।
click here for in depth
चिकित्सक ने 10 लाख सुपारी देकर कराई हेल्थ सेंटर संचालक की हत्या, बिजनौर में 3 गिरफ्तार
Bijnor News Hindi 8 mar 2026
नगीना के शिवालय हेल्थ केयर सेंटर संचालक राजकुमार की गोली मार हत्या का पुलिस ने खुलासा किया, सुमित्रा नर्सिंग होम डॉक्टर नीरज चौहान मुख्य आरोपी।
नगीना पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर नीरज चौहान, विकास उर्फ छोटू और हथियार तस्कर के साथ बरामद पिस्टल व नकदी।
बिजनौर जिले के नगीना में शिवालय हेल्थ केयर सेंटर के संचालक राजकुमार की 5 मार्च शाम 7 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने खुलासा किया कि सुमित्रा नर्सिंग होम के संचालक डॉ. नीरज चौहान ने अपने चालक विकास उर्फ छोटू को 10 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 लाख रुपये, पिस्टल और तमंचा बरामद किया गया।
हत्या की पूरी साजिश
डॉ. नीरज (बीएचएमएस) और राजकुमार 2018 में गाजियाबाद के यथार्थ अस्पताल में साथ काम करते थे। 2022 में दोनों ने 15 लाख लोन लेकर नगीना धामपुर रोड पर सुमित्रा नर्सिंग होम खोला। 2023 में राजकुमार बिना हिसाब चुकाए अलग हो गए और जनवरी 2024 में अपना शिवालय हेल्थ केयर सेंटर शुरू किया, जिससे नीरज के अस्पताल में मरीज कम हो गए। गुस्से में नीरज ने 6 माह पहले साजिश रची, 2.20 लाख एडवांस दिए। विकास ने कार्तिकेय के जरिए तस्कर आर्यन उर्फ राजन से तमंचा खरीदा। फर्जी रिपोर्ट दिखाकर चैंबर में घुस विकास ने गोली मारी।
पुलिस अधिकारियों के बयान
एसपी अभिषेक झा ने प्रेस वार्ता में कहा, “पेशेवर रंजिश से हत्या हुई, तीनों जेल भेजे गए।” सीओ अंजनी चतुर्वेदी ने बताया, “नीरज और विकास एक गांव के हैं, लोन व कॉम्पिटिशन मुख्य कारण।”
पृष्ठभूमि
राजकुमार के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं थी, लेकिन बच्चों का इलाज अच्छा करते थे। नगीना में नर्सिंग होम्स के बीच कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है, ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य क्षेत्र की काली सच्चाई उजागर करती हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। परिवार ने न्याय की मांग की। यह केस हेल्थ बिजनेस में पार्टनरशिप विवादों पर सबक है।
किसान बेटे अर्पित सिंह ने यूपीएससी में पाई 386वीं रैंक, बिजनौर का नाम रोशन
Bijnor News Hindi 8 mar 2026
दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर नगीना के नयागांव निवासी अर्पित ने घर पर तैयारी कर जिले का मान बढ़ाया, बधाई का दौर जारी।
यूपीएससी 2025 में 386वीं रैंक पाने वाले किसान बेटे अर्पित सिंह अपने माता-पिता के साथ।
बिजनौर जिले के नगीना देहात के नयागांव गांव के किसान अरविंद कुमार के बेटे अर्पित सिंह ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 386वीं रैंक हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया। शुक्रवार को घोषित परिणाम में यह उनका दूसरा प्रयास था। परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई, ग्रामीणों ने बधाई दी।
सफलता की पूरी कहानी
अर्पित के पिता अरविंद गांव में खेती करते हैं, मां सीमा गृहणी हैं। परिवार में तीन सदस्य हैं। अर्पित ने हाईस्कूल-इंटर आरआर मुरारका स्कूल नगीना से किया, 12वीं के बाद कोटा में एक साल कोचिंग ली। वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) से इलेक्ट्रिकल एंड कम्युनिकेशन में बीटेक पूरा किया। पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचे, दूसरे में घर पर रहकर तैयारी कर 386 रैंक पाई। पिता ने कहा, “अर्पित पढ़ाई में हमेशा होनहार रहा।”
परिवार व ग्रामीणों के बयान
पिता अरविंद कुमार बोले, “घर पर मेहनत से सफलता मिली, गर्व है।” गांववासी बोले, “अर्पित ने साबित किया कि किसान बेटा भी IAS बन सकता है।” भाकियू जैसे संगठनों ने भी बधाई दी।
पृष्ठभूमि
बिजनौर से UPSC 2025 में कई युवा सफल हुए, जैसे चंद्रवाहिनी (662 रैंक)। ग्रामीण क्षेत्रों में मेहनत से सफलता की मिसाल अर्पित बने। घरेलू तैयारी ने कोचिंग पर निर्भरता कम दिखाई।
आगे की राह
अर्पित को अब ट्रेनिंग मिलेगी। जिले में युवाओं को प्रेरणा बनेगा। सफलता से ग्रामीण प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा।
गंभीर होती पुलिस तो बच जाती बबली की जान, दामाद ने सास पर गोली चलाई
Bijnor News Hindi 8 mar 2026
नहटौर फुलसंदा में लव मैरिज के दामाद सजल ने सास बबली की गोली मार हत्या की, 15 दिन पहले शिकायत पर पुलिस की लापरवाही का आरोप।
फुलसंदा गांव में सास हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस व ग्रामीण।
बिजनौर के नहटौर थाना क्षेत्र के फुलसंदा गांव में शुक्रवार रात दामाद सजल ने अपनी सास चयली देवी उर्फ बबली (50) को तमंचे से दो गोलियां मारकर हत्या कर दी। मृतका के पति फकीरचंद की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ। आरोपी को गिरफ्तार कर तमंचा बरामद किया गया।
घटना का पूरा विवरण
सजल व उसकी पत्नी भावना ने 2-3 साल पहले लव मैरिज की थी। शादी के बाद विवाद बढ़े, सजल शराब पीकर मारपीट करता। 15 दिन पहले सजल ने शराबी हालत में मायके वालों पर फायरिंग की। भावना व बबली ने नहटौर थाने में शिकायत की, कई तमंचे होने का कहा। पुलिस ने कोरे कागज पर साइन कराकर समझौता लिखवाया, बिना तमंचा बरामद किए छोड़ दिया। शुक्रवार रात भावना के झगड़े का बहाना बनाकर बबली को बुलाया, पहुंचते ही गोली मार दी।
परिवार के गंभीर आरोप
मृतका की बेटी भावना बोली, “पुलिस गंभीर होती तो मां की जान बच जाती। सेटिंग कर कोरे कागज पर साइन कराए।” पिता फकीरचंद ने कहा, “सजल शराबी था, खर्च न देने पर विवाद। पहले से हत्या की योजना थी।”
पृष्ठभूमि व संदर्भ
लव मैरिज के बाद सास-दामाद में खर्च व मारपीट को लेकर तनाव। ग्रामीण इलाकों में पुलिस की लापरवाही ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही। गांव में कोहराम मच गया।
आगे की कार्रवाई
आरोपी को जेल भेजा। उच्चाधिकारियों से पुलिस लापरवाही की जांच की मांग। परिवार न्याय व सुरक्षा चाहता। यह मामला पारिवारिक विवादों में पुलिस भूमिका पर सवाल उठाता है।
मौसेरा भाई ने की 5 वर्षीय दीवांश की अपहरण, 12 लाख फिरौती मांगी
Bijnor News Hindi 8 mar 2026
अमरोहा याहियापुर में दिनदहाड़े UKG छात्र का अपहरण, 7 घंटे में बिजनौर से बरामद, 3 गिरफ्तार।
बरामद मासूम दीवांश व गिरफ्तार मौसेरा भाई लवीश।
मां डौली को फोन कर 12 लाख रुपये फिरौती मांगी। सीसीटीवी से खुलासा हुआ कि अपहरणकारी मौसेरा भाई लवीश था। पुलिस ने 7 घंटे में नूरपुर बस अड्डे से बच्चे को बरामद कर लवीश, आकाश व धर्मेंद्र गिरफ्तार किए।
अपहरण का पूरा खुलासा
पिता अवनीश की 5 साल पहले सड़क हादसे में मौत, बीमा राशि मिली। डौली ब्यूटी पार्लर चलातीं, दो बेटे सार्थक व दीवांश। दोपहर 12:30 बजे चॉकलेट लॉली देकर लवीश ने अपहरण किया। 2:30 बजे फिरौती कॉल (97****3524) आया, धमकी दी। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले, लवीश पकड़ा। पूछताछ में बिजनौर दोस्तों का पता चला। बीमा लालच में साजिश।
एसपी व परिवार बयान
एसपी अमित कुमार आनंद बोले, “बीमा राशि के चक्कर में अपहरण, त्वरित बरामदगी।” डौली बोलीं, “रिश्तेदार ने धोखा दिया, बच्चा सुरक्षित।”
पृष्ठभूमि
अमरोहा में रिश्तेदारों के अपराध बढ़ रहे। मासूमों पर हमले चिंताजनक। पुलिस की तत्परता सराहनीय।
आगे कार्रवाई
तीनों जेल, बीमा राशि जांच। परिवार ने सुरक्षा मांगी। यह केस पारिवारिक लालच रोकने की मिसाल।
Stay with SBKI News –
Voice of TruthYour trusted partner for reliable news. Thank you!


