Kanpur IPL Satta : 3.91 करोड़ नकद समेत 5 गिरफ्तार, जबलपुर ‘प्रोफेसर’ फरार

Kanpur IPL Satta

कानपुर पुलिस ने IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें दो स्थानीय और तीन गुजरात के आरोपी शामिल हैं। 3.91 करोड़ रुपये नकद के साथ नोट गिनने की मशीनें बरामद, सरगना मनीष उर्फ ‘प्रोफेसर’ अभी भी छुपा हुआ हैहै।

 
Kanpur IPL Satta

कानपुर में IPL 2026 के रोमांचक मैचों के बीच पुलिस ने एक बड़े सट्टेबाजी रैकेट पर शिकंजा कस दिया। मंगलवार रात गोविंदपुरी पुल के नीचे सफेद सोनेट कार में बैठे दो आरोपियों को पकड़ने से शुरू हुई कार्रवाई में कुल पांच लोग गिरफ्तार हुए। इनमें कानपुर के राजकुमार और कार्तिक लखवानी के साथ गुजरात के कल्पेश (मेहसाणा), रवि नाई और विष्णु (पाटन) शामिल हैं। किदवई नगर के किराये के मकान से 3.91 करोड़ रुपये नकद, तीन नोट गिनने वाली मशीनें, एक नकली नोट जांचने वाली मशीन और छह मोबाइल फोन बरामद हुए।


कैसे पकड़ा गया गिरोह?

यह कार्रवाई 10 दिन पहले बर्रा क्षेत्र में पकड़े गए आठ सट्टेबाजों के इनपुट पर आधारित थी। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि सर्विलांस टीम ने गोविंदपुरी पुल के नीचे संत नगर चौराहे पर चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर दबिश दी। कार्तिक लखवानी और राजकुमार को रंगे हाथों सट्टा लगाते पकड़ा गया। उनकी निशानदेही पर बुधवार सुबह किदवई नगर में सेटअप छापा। यहां गुजरात के तीनों आरोपी रुपये के लेन-देन में लगे थे। मोबाइल से bethub24.com ऐप, वेबसाइट्स, व्हाट्सएप चैट और ट्रांजेक्शन डिटेल्स मिलीं।

गिरोह का मास्टरमाइंड मध्य प्रदेश के जबलपुर का मनीष उर्फ ‘प्रोफेसर’ है, जिसकी लोकेशन पुणे में ट्रेस हुई। वह विभिन्न शहरों में सब-आईडी बांटकर ऑनलाइन IPL सट्टा चला रहा था। कार्तिक लखवानी कौशलपुरी का रहने वाला बटर रैपर फैक्ट्री चलाता है और दो साल से सक्रिय था। उसने कानपुर में 10 लोगों को सब-आईडी दी थीं। गुजरात वाले 15-25 हजार मासिक वेतन पर काम करते, छोटी जीत का पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर और बड़ी रकम हायर सेंटर भेजते।


आधिकारिक बयान और कोट्स

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा, “सर्विलांस से लोकेशन ट्रेस कर कार्रवाई की। बरामद नकदी की जानकारी आयकर विभाग को दी गई है। गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।”

एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी ने बताया, “यह गिरोह IPL मैचों की हार-जीत पर भारी सट्टा चला रहा था। हम सरगना ‘प्रोफेसर’ को जल्द पकड़ लेंगे।” एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जोड़ा, “ये लोग bet hub जैसी साइट्स से जुड़े थे, जहां लाखों का टर्नओवर होता था। यह कानून की जीत है।”


गिरोह का बैकग्राउंड

IPL सट्टेबाजी का यह खेल नया नहीं। 2026 IPL सीजन में कानपुर में पहले भी कई रैकेट्स पकड़े गए, जैसे ब्रांच24 कोड वाला गिरोह जहां 100 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए। गुजरात में ED ने 550 करोड़ के क्रिकेट सट्टे का खुलासा किया। जबलपुर ‘प्रोफेसर’ जैसे सरगना इंटर-स्टेट नेटवर्क चलाते हैं।

टाइमलाइन:

  • 10 दिन पहले: बर्रा में 8 सट्टेबाज गिरफ्तार, इनपुट मिला।

  • मंगलवार रात: गोविंदपुरी पुल पर 2 गिरफ्तार।

  • बुधवार सुबह: किदवई नगर छापा, 3 और पकड़े, 3.91 करोड़ बरामद।

  • वर्तमान: सरगना फरार, आयकर जांच।


यह क्यों मायने रखता है

 

यह सट्टा गिरोह न सिर्फ कानून तोड़ता है, बल्कि युवाओं को लत में फंसाता है। IPL जैसे पॉपुलर इवेंट पर सट्टा करोड़ों का ब्लैक मनी जेनरेट करता, जो हवाला और टैक्स चोरी में जाता। समाज में परिवार टूटते, कर्ज बढ़ते। पुलिस की कार्रवाई से कानून का राज मजबूत होता, लेकिन बड़े नेटवर्क बाकी हैं। |This story also covered by Aaj tak


 

स्थानीय पहलू

 

कानपुर वासियों, यह सट्टा गिरोह हमारे शहर के ही कोने-कोने में फैला था! गोविंदपुरी पुल के नीचे रोज़ आने-जाने वाली सफेद सोनेट कार में राजकुमार और कार्तिक लखवानी सट्टा चला रहे थे। किदवई नगर के किराये के मकान से 3.91 करोड़ नकद बरामद – यह हमारी ही ज़मीन पर हो रहा अपराध था।कानपुर शहर में क्रिकेट का जुनून तो हमेशा रहता है, लेकिन IPL के नाम पर यह सट्टा हमारी युवा पीढ़ी को निगल रहा था। कौशलपुरी का कार्तिक लखवानी, जो बटर रैपर फैक्ट्री चलाता था, दो साल से सक्रिय था और शहर में 10 स्थानीय लोगों को सब-आईडी बाँट रखी थी। फजलगंज, बर्रा, गोविंदपुरी जैसे इलाकों में युवा, छोटे व्यापारी, छात्र – सब ऐप्स के चक्कर में फँस रहे थे। पहले भी कानपुर में कैब से 100 करोड़ का सट्टा रैकेट पकड़ा गया, अब यह ऑनलाइन जाल पूरे शहर को जकड़ चुका था

विशेषज्ञ विश्लेषण

मैं कहूंगा कि IPL सट्टा डिजिटल क्राइम का बड़ा उदाहरण है। Apps और व्हाट्सएप से इंटर-स्टेट नेटवर्क चलाना आसान हो गया। पुलिस की सर्विलांस सक्सेसफुल रही, लेकिन सरगना फरार होना चिंता की बात।


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आगे क्या?

 

पुलिस सरगना मनीष उर्फ प्रोफेसर की तलाश में पुणे भेज रही टीमें। आयकर विभाग नकदी की जांच करेगा, हवाला कनेक्शन चेक। बरामद फोन से नए लिंक्स मिल सकते। IPL खत्म होने पर सट्टा शिफ्ट हो सकता मैच फिक्सिंग पर। सख्त कानून जैसे IT एक्ट अपडेट जरूरी। संभवत: और गिरफ्तारियां होंगी।


निष्कर्ष

कानपुर पुलिस ने IPL सट्टा के इस बड़े रैकेट को तोड़ा, 3.91 करोड़ बरामद कर कानून का एहसास कराया। लेकिन ‘प्रोफेसर’ फरार है, नेटवर्क बाकी। Yeh issue kaafi important hai – awareness aur strict action se hi roka ja sakta. समाज को सतर्क रहना होगा।


Written by M.A.Arif

 
 
 
 
 

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