Bijnor crime news : आकिब ने बदला प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर डाला चैनल, पुलिस‑एटीएस जांच में घिरा आतंकी कनेक्शन का संदिग्ध

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मेरठ के संदिग्ध आतंकी आकिब ने इंस्टाग्राम से यूट्यूब पर प्लेटफार्म बदलकर वीडियो अपलोड कर खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश की, जबकि बिजनौर पुलिस और एटीएस उसके संदिग्ध आतंकी कनेक्शन की जांच में जुटी।

Man Catches Wife, Cousin Together at Home in Mumbai, Stabbed

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मेरठ के मवाना क्षेत्र के संठला गांव का रहने वाला संदिग्ध आतंकी आकिब खान एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वह यूट्यूब पर दिखाई दिया है, जहां उसने अपना नया चैनल बनाकर एक वीडियो अपलोड किया है। इस वीडियो में आकिब खुद को बेगुनाह बताते हुए नजर आ रहा है।

14 अप्रैल 2026 को सामने आए इस वीडियो में वह एक युवक के साथ दिखाई देता है, जो कैमरे से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा है। वीडियो में आकिब प्लास्टिक के खिलौने दिखाते हुए यह समझाने की कोशिश करता दिख रहा है कि उस पर लगाए गए आरोप गलत हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने इस नए वीडियो को भी गंभीरता से लेते हुए उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।

इंस्टाग्राम वीडियो के बाद बढ़ा था मामला

आकिब का नाम पहली बार नवंबर 2025 में तब चर्चा में आया था, जब उसका एक इंस्टाग्राम वीडियो कॉल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। उस वीडियो में वह कथित तौर पर एके-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे हथियार दिखाते हुए नजर आया था।

वीडियो वायरल होते ही बिजनौर पुलिस और उत्तर प्रदेश एटीएस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। शुरुआती जांच में उसके संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी कनेक्शन की भी पड़ताल की जाने लगी और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया।

सऊदी अरब में रहकर करता था काम

जांच एजेंसियों के अनुसार आकिब वर्ष 2019 से सऊदी अरब में रह रहा है और वहां ट्रक चालक के रूप में काम करता है। इसी दौरान वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क में आया और इंस्टाग्राम लाइव के माध्यम से कई लोगों से बातचीत करता था।

जैसे ही पुलिस और एटीएस ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की निगरानी शुरू की, उसके लगभग 500 फॉलोअर्स में से कई लोगों ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। जांच एजेंसियों की बढ़ती निगरानी के कारण कई लोग उसे अनफॉलो करने लगे।

इंस्टाग्राम से यूट्यूब पर शिफ्ट

सूत्रों के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर निगरानी बढ़ने के बाद आकिब ने रणनीति बदलते हुए यूट्यूब का सहारा लिया। यहां उसने नया चैनल बनाकर वीडियो अपलोड करना शुरू किया।

जांच अधिकारियों का मानना है कि यह कदम शायद खुद को निर्दोष साबित करने और लोगों की सहानुभूति पाने की कोशिश हो सकती है। वीडियो को जिस तरह से रिकॉर्ड किया गया है, उससे यह भी संकेत मिलता है कि आकिब अपनी कहानी लोगों तक पहुंचाने के लिए नया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल कर रहा है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

बिजनौर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आकिब की ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उन्होंने कहा,
“उसका इंस्टाग्राम अकाउंट पहले से हमारी निगरानी में था। अब यूट्यूब पर वीडियो डालना उसकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन हम हर प्लेटफॉर्म पर उसकी गतिविधियों को ट्रैक कर रहे हैं।”

एटीएस के एक अधिकारी ने भी कहा कि हथियारों वाले वीडियो के सामने आने के बाद से ही एजेंसियां सतर्क हो गई थीं।

“AK-47 और हैंड ग्रेनेड दिखाने वाला वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया था। यह घटना बताती है कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किस तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकता है,” उन्होंने कहा।

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मामले की समयरेखा

नवंबर 2025:
आकिब इंस्टाग्राम वीडियो कॉल में कथित तौर पर हथियार दिखाते हुए नजर आया। इस कॉल में मेरठ जिले से जुड़े कई लोग शामिल बताए गए।

दिसंबर 2025:
बिजनौर पुलिस ने उवैद और जलाल हैदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तीसरे आरोपी समीर उर्फ रुहान की तलाश जारी रही।

अप्रैल 2026:
जांच एजेंसियों ने आकिब को विदेश से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान यूपी एटीएस ने लखनऊ से आईएसआई से जुड़े बताए जा रहे साकिब समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया।

14–15 अप्रैल 2026:
आकिब ने यूट्यूब पर नया चैनल बनाकर वीडियो अपलोड किया, जिसे अब जांच एजेंसियां भी मॉनिटर कर रही हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला दिखाता है कि कैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आज के समय में जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।

जब किसी प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ती है, तो संदिग्ध लोग दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाकर अपनी गतिविधियां जारी रखने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में डिजिटल निगरानी को और मजबूत करना जरूरी हो जाता है।

युवाओं के लिए चेतावनी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के साथ जुड़ते समय सावधान रहना चाहिए। किसी संदिग्ध व्यक्ति के लाइव सेशन में शामिल होना या उसके वीडियो साझा करना भी भविष्य में कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।Story also covered by Amar ujala

स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता

मेरठ और आसपास के जिलों में यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच एजेंसियां फिलहाल आकिब की ऑनलाइन गतिविधियों और उसके संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।

फिलहाल यूट्यूब पर सामने आया यह नया वीडियो मामले में एक और नया मोड़ लेकर आया है, और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।

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