Lakhimpur Kheri Ambedkar statue vivad : 20 पुलिसवाले घायल, आगजनी और एक दर्जन वाहन जले

Lakhimpur Kheri Ambedkar statue vivad

बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर लखीमपुर खीरी के मोतीपुर गांव में विवाद उपद्रव और आगजनी में बदल गया; पुलिस पर पथराव से 20 जवान घायल, एक दर्जन से ज्यादा वाहनों में आग लगाई गई।

Lakhimpur Kheri Ambedkar statue vivad

जहां आंबेडकर प्रतिमा विवाद के बाद भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के बांकेगंज इलाके के मोतीपुर गांव में मंगलवार शाम उस समय हालात अचानक बिगड़ गए जब बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गांव में पथराव, आगजनी और वाहनों की तोड़फोड़ शुरू हो गई।

जानकारी के अनुसार, एक पक्ष ने विवादित जमीन पर भंडारे का आयोजन करते हुए वहां आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की कोशिश की। दूसरे पक्ष ने इसे अवैध बताते हुए इसका विरोध किया। इसी दौरान यह अफवाह फैल गई कि प्रतिमा खंडित कर दी गई है। अफवाह फैलते ही माहौल और भड़क गया और भीड़ ने पुलिस पर ही पथराव शुरू कर दिया।

विवाद की जड़: जमीन को लेकर मतभेद

प्रशासन के अनुसार जिस जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने की कोशिश की गई, वह सरकारी रिकॉर्ड में “खाद के गड्ढे” के रूप में दर्ज है। यानी यह जमीन किसी निजी व्यक्ति या समूह की नहीं है।

बताया जा रहा है कि बिना प्रशासनिक अनुमति के वहां प्रतिमा स्थापित करने और निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की गई थी। इसी को लेकर गांव के दो समूहों के बीच विवाद बढ़ गया।

प्रशासन और पुलिस जब मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने और निर्माण रोकने की कोशिश कर रहे थे, तभी भीड़ उग्र हो गई और हालात नियंत्रण से बाहर हो गए।

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अफवाह के बाद भड़की हिंसा

प्रतिमा के खंडित होने की अफवाह फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते करीब 400–500 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।

मैलानी और गोला थाने की पुलिस टीमें भीड़ के निशाने पर आ गईं। उपद्रवियों ने सड़क पर खड़े कई वाहनों को पलट दिया और उनमें आग लगा दी।

बताया जा रहा है कि करीब एक दर्जन वाहनों को नुकसान पहुंचा, जिनमें चौकी प्रभारी संसारपुर और गोला के नायब तहसीलदार की गाड़ियां भी शामिल थीं। इसके अलावा कई निजी वाहनों को भी क्षति पहुंची।

कई पुलिसकर्मी घायल

हिंसा के दौरान कम से कम 20 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों में महिला कांस्टेबल चंदा देवी भी शामिल हैं।

घायल जवानों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई है। हालांकि कुछ पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया जा सकता है।

डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे

घटना की जानकारी मिलते ही जिले की जिलाधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग देर शाम मोतीपुर गांव पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने साफ कहा कि किसी भी विवादित या सरकारी जमीन पर बिना अनुमति के मूर्ति स्थापित करना या निर्माण कार्य शुरू करना अवैध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उपद्रवियों पर दर्ज होंगे मुकदमे

पुलिस ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार उपद्रवियों पर दंगा, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह विवाद एक ही समुदाय के दो समूहों के बीच चल रहे सामाजिक और स्थानीय तनाव से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। हालांकि पुलिस की प्राथमिकता केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

गांव में भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद मोतीपुर गांव और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अतिरिक्त फोर्स भी बुला ली गई है ताकि किसी भी तरह की नई घटना को रोका जा सके।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जो भी लोग हिंसा या अफवाह फैलाने में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मोतीपुर गांव में फिलहाल शांति बहाल करने की कोशिशें जारी हैं और पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। Amar ujala Also covered this story

 

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