Billion rupee Peon Scam : 3 पत्नियां, 53 बैंक खाते और 5.28 करोड़ फ्रीज

Billion rupee Peon Scam

पीलीभीत के डीआइओएस कार्यालय से जुड़े चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी पर करोड़ों के गबन का आरोप, उसकी दो पत्नियों के खातों में 59 लाख रुपये की FD फ्रीज, कुल 5.28 करोड़ रुपये जमा 53 खातों में ब्लॉक।

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पीलीभीत (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के Pilibhit जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय से संबद्ध एक चपरासी पर करोड़ों रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप लगा है। जांच में पता चला है कि आरोपी इल्हाम उर रहमान शम्सी से जुड़े 53 बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन हुआ है। पुलिस ने अब तक करीब 5.28 करोड़ रुपये की रकम फ्रीज़ कर दी है।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी की तीन पत्नियां हैं और उनमें से दो के बैंक खातों में लाखों रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) मिली है। पुलिस ने इन खातों को भी जांच के दायरे में लेकर लॉक कर दिया है।


कैसे सामने आया पूरा मामला

इल्हाम उर रहमान शम्सी मूल रूप से बीसलपुर के जनता इंटर कॉलेज में चपरासी के पद पर तैनात था। करीब सात-आठ साल पहले उसे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पीलीभीत में संबद्ध कर दिया गया था।

बताया जा रहा है कि कार्यालय में काम करते-करते वह धीरे-धीरे चपरासी से ज्यादा क्लर्क की तरह काम संभालने लगा। इसी दौरान उसे वित्तीय प्रक्रियाओं और खातों की जानकारी भी मिलती रही।

पिछले साल उसने अपनी पत्नी अर्शी खातून के नाम से बैंक खाता खुलवाया और कथित तौर पर कोषागार से करीब 1.02 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा दिए। जब इस बड़ी रकम का ट्रांजैक्शन हुआ तो Bank of Baroda को शक हुआ। बैंक ने इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई।

जनवरी-फरवरी 2026 में जब खातों की गहराई से जांच की गई तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।


कई खातों में बांटी गई रकम

जांच में सामने आया कि इल्हाम ने सरकारी धन को सीधे अपने खाते में रखने के बजाय कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया। इनमें उसकी पत्नी, रिश्तेदार और अन्य लोगों के खाते शामिल बताए जा रहे हैं।

उसकी पहली पत्नी अर्शी खातून के खाते से बड़ी रकम आगे ट्रांसफर की गई।

  • लगभग 90 लाख रुपये बरेली की कंपनी JHM Infra Home Private Limited के खाते में भेजे गए।
  • करीब 17.18 लाख रुपये Orika Homes नाम की कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए गए।

पुलिस ने इन कंपनियों को नोटिस जारी कर दिया है और निर्देश दिया है कि जांच पूरी होने तक खातों में जमा रकम से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए।


पत्नियों के खातों में मिली लाखों की FD

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी ने अपनी पत्नियों के खातों में भी बड़ी रकम जमा कर रखी थी।

  • पहली पत्नी अर्शी खातून के खाते में करीब 33.30 लाख रुपये की FD मिली।
  • दूसरी पत्नी अजरा, जो बुलंदशहर में रहती है, उसके खाते में 25 लाख रुपये की FD पाई गई।

इस तरह दोनों खातों में कुल लगभग 59 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट सामने आई, जिसे पुलिस ने फ्रीज़ कर दिया है।

तीसरी पत्नी लुबना, जो संभल जिले में रहती है, उसके खाते में अभी तक कोई संदिग्ध लेन-देन सामने नहीं आया है। हालांकि जांच टीम इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है।

इसके अलावा एक रिश्तेदार तहसीन जहां के खाते में भी करीब 70,444 रुपये की FD मिलने की जानकारी जांच के दौरान सामने आई है।

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पुलिस की कार्रवाई और जांच

मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने इसे एक बड़े वित्तीय घोटाले के रूप में लेना शुरू किया। अब तक 53 बैंक खातों की जांच की जा चुकी है और उनमें से कई खातों में संदिग्ध ट्रांजैक्शन पाए गए हैं।

पुलिस ने डिजिटल ट्रेसिंग और फॉरेंसिक ऑडिट के जरिए करीब 5.28 करोड़ रुपये की रकम फ्रीज़ कर दी है।

इस मामले की जांच के लिए एक चार सदस्यीय विशेष जांच टीम बनाई गई है, जो पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में सिर्फ इल्हाम ही शामिल था या फिर उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे।


प्रशासन क्या कह रहा है

जांच की निगरानी कर रहे Sukirti Madhav ने कहा कि यह मामला पहली नजर में केवल एक कर्मचारी का नहीं लगता।

उन्होंने कहा कि जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं कार्यालय के अन्य कर्मचारी, बैंक अधिकारी या बाहरी लोग भी इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं थे।

इसके साथ ही जांच टीम ने 2014 से 2026 तक के वित्तीय रिकॉर्ड और वेतन वितरण से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।Also covered by Dainik bhaskar


आगे क्या हो सकता है

पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में जांच और गहरी हो सकती है। कई बैंक खातों की जानकारी अभी भी खंगाली जा रही है और कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है।

यदि जांच में और लोगों की भूमिका सामने आती है तो इस मामले में नए आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

फिलहाल यह मामला पीलीभीत ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक साधारण चपरासी के नाम पर करोड़ों रुपये के लेन-देन ने सरकारी व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

Written by M.A. Arif.

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